वैसे तो आपने प्यार की कहानियां बहुत पढी होंगी। जिनका अंजाम काफी दर्द भरा होता है। लेकिन आज की यह कहानी सबसे अलग है। विक्रम और नेहा की यह कहानी सच में युवाओं के लिए एक मिसाल बन सकती हैं। चलिए इस Hindi Love Story को शुरू करते हैं।
कहानी की शुरुआत । Hindi Love Story
हरियाणा के गुड़गांव में नौकरीपेशा, कारोबारी, मजदूर, हर वर्ग के लोग अपना जीवन बसर कर रहे हैं। विक्रम का जीवन भी इन ही लोगों में से एक था। ओडिशा के एक छोटे से गांव अछिंदा का रहने वाला विक्रम, 1999 में नई दिल्ली की इस नई कॉलोनी में आया। उसकी मंजिलें सिर्फ एक ही थीं, मेहनत से अपना जीवन बनाना।
वह फोटोग्राफी का हुनर जानता था। शुरुआत में उसने एक छोटी सी दुकान पर नौकरी की, फिर अपने ही सेक्टर में एक फोटो स्टूडियो खोल लिया। मेहनत और लगन से उसका कारोबार फलने-फूलने लगा। अब वह अच्छा पैसा कमाने लगा था। लेकिन, फिर भी, उसके मन में एक खालीपन था। ऐसा लगता था जैसे, कोई साथी नहीं है, जो उसकी खुशी-गम में साथ दे सके।
पहली मुलाकात और पहली नजर का प्यार
गुड़गांव में ही उसने एक अच्छा फ्लैट ले लिया था। वह अकेले रहता था, उसके मन में एक चाह थी, एक ऐसी साथी की, जिससे उसकी जिंदगी रंगीन हो जाए। उसने कई रिश्ते देखे, पर कोई भी उसकी दिल की धड़कनों को नहीं छू पाया। हर बार वह निराश हो जाता।
2006 की एक सुबह, जब वह अपने स्टूडियो पर था, तो उसकी नजर एक लड़की पर पड़ी। लड़की का नाम था गीता यादव। वह फोटो खिंचवाने आई थी। उसकी उम्र करीब 20 साल थी। उसकी मासूमियत चेहरे पर साफ झलक रही थी। जब वह हंसी, तो उसके गालों में डिंपल आ जाते थे।
उस दिन से वह गीता के बारे में सोचने लगा। उसकी हंसी, उसकी आवाज़, और उसकी मासूमियत ने विक्रम को अपना दीवाना ही बना दिया हो।
तस्वीरें खिंचने के बाद, विक्रम ने गीता का नंबर लिया था और कहा था कि जब तस्वीर एडिट हो जाएंगी, तो मैं आपको कॉल कर दूंगा. तस्वीर बनने के बाद अगले ही दिन विक्रम ने गीता को फोन किया –
“ आपकी तस्वीर रेडी हो गई है. आज 5:00 बजे के बाद आप तस्वीर लेने आ सकती है”
गीता शाम को तस्वीर लेने आ जाती हैं। आंखों ही आंखों में दोनों एक दूसरे में खो जाते हैं। वह बात आगे बढ़ाने के लिए गीता से पूछता है,
“आपको दुकान तक पहुंचने में कोई तकलीफ तो नहीं हुई ना? नेक्स्ट टाइम फोटो की डिलीवरी करने के लिए आपके घर पर आ सकता हूं।“
“मैं आपकी दुकान के बैक साइड बने दो मंजिली वाले घर में ही रहती हूं,मुझे यहां आने में कोई भी समस्या नहीं हुई।“
एक दूसरे को देखने के लिए तड़पने लगे
गीता का घर विक्रम की दुकान के पास ही था। इसीलिए दोनों में अच्छी जान पहचान हो गई थी। यहीं से विक्रम और गीता की दोस्ती शुरु हो जाती है।
गीता के वापस जाने के बाद, विक्रम दुकान बंद करके अपने घर चला गया। रात भर वह करवटें बदलता रहा। आंखें बंद करते ही, गीता की हंसती मुस्कान उसकी आंखों के सामने आ जाती।
अगले दिन विक्रम ने गीता को गुड मॉर्निंग का मैसेज किया। गीता ने भी विक्रम का मैसेज आते ही तुरंत गुड मॉर्निंग जी का रिप्लाई कर दिया।
इसके बाद दोनों की मैसेज पर बातें होने लगी। विक्रम ने अपने दिल की बात को बयां करने के लिए एक शेयर भी लिखा:
“ना तीर, ना तलवार से!
हम तो घायल हो गए, उन की भोली सी मुसकान से।“
गीता को विक्रम का यह शेयर काफी अच्छा लगा और उसने दिल और स्माइल का इमोजी सेंड कर दिया।
विक्रम ने गीता को कॉफी शॉप पर मिलने के लिए बुलाया। विक्रम ने हिम्मत दिखाते हुए कहा,
“आप की मुस्कान इतनी प्यारी है कि बस देखता रह जाता हूं।“
धीरे-धीरे उनकी बातचीत गहरी होने लगी। विक्रम ने उससे कहा, “अगर आप मांग में सिंदूर और बिंदी लगातीं, तो और भी खूबसूरत लगतीं।“
“गीता ने हंसी में जवाब दिया, “हम क्यों मांग में सिंदूर लगाएं? हम तो अभी शादीशुदा नहीं हैं।”
विक्रम ने मुस्कुरा कर और गीता का हाथ पकड़ते हुए कहा, अगर तुम चाहो तो तुम्हारा मैं यह ख्वाब पूरा कर सकता हूं।
गीता विक्रम की बातों को समझ गई।
इश्क का जज़्बा और खामोशी
उसके बाद दोनों में बातें बढ़ने लगीं। दोनों ही अपने-अपने मन की बात समझने लगे। एक दिन विक्रम ने गीता से अपने प्यार का इजहार कर दिया। गीता भी विक्रम को पसंद करती थी, लेकिन दोनों के प्यार के बीच में सबसे बड़ी मुसीबत गीता का परिवार था।
दरअसल गीत काफी अमीर परिवार से थी। गीता के पिता, गुड़गांव के सबसे पावरफुल बिजनेसमैन में से एक थे। गीता को डर था, अगर उसके पिता को उसके अफेयर के बारे में पता चला, तो वह विक्रम को जान से मरवा सकते हैं. इसीलिए गीता ने भाग कर शादी करने का फैसला किया.
लेकिन विक्रम काफी अच्छे परिवार और संस्कार वाला लड़का था। उसने गीता से कहा,
“गीता भाग कर शादी करना गलत होगा। अगर हमारा प्यार सच्चा है, तो मैं तुम्हारे परिवार को जरूर मना लूंगा।“
क्या गीता के पिता, शादी के लिए हां करेंगे?
अगले ही दिन विक्रम गीता के घर पहुंच गगया गीता के पिता के सामने अपने और गीता के रिश्ते के सामने रख दिया।
“गीता और मैं, एक दूसरे से प्यार करते हैं, शादी करना चाहते हैं। मैं आपकी तरह अमीर तो नहीं हूं। लेकिन मैं उसे एक अच्छी जिंदगी दे सकता हूं।“
गीता के पिता, विक्रम को देखकर भड़क जाते हैं और अपने नौकरों से कहकर विक्रम को धक्के देकर घर से बाहर निकाल देते हैं और उसकी खूब पिटाई भी करते हैं।
“ले जाओ इस सड़क छाप को, अगर यह दोबारा घर के अंदर आए, तो इसे जान से खत्म कर दो।“
गीता के पिता की बात सुनकर विक्रम दर्द में ही मुस्कुराते हुए बोला,
“मैं आपकी बहुत इज्जत करता हूं। इसलिए हम दोनों आपकी हां का इंतजार करेंगे। चिंता मत करें, आपकी मर्जी के बिना हम कुछ नहीं करूंगे”
विक्रम उस समय तो गीता के घर से चला जाता है। लेकिन उसने अपने मन में ठान लिया था कि किसी भी कीमत पर गीता को अपना बनाना है। चाहे उसके लिए उसे अपनी जान की बाजी ही क्यों ना लगानी पड़े।
इधर गीता ने भी अपने पिता से कह दिया था कि वह अगर शादी करेगी, तो सिर्फ विक्रम से करेगी। नहीं तो जिंदगी भर कुंवारी रहेगी।
गीता और विक्रम एक दूसरे से सच्चा प्यार करते थे, इसलिए दोनों ने एक दूसरे का इंतजार करने की ठानी। गीता और विक्रम को अब एक दूसरे का इंतजार करते हुए, 3 साल से ज्यादा का समय हो चुका था।
गीता ने विक्रम के लिए एक से एक अच्छे रिश्ते ठुकरा दिए थे। गीता के पिता, दोनों के सच्चे प्यार को देखकर हैरान थे। विक्रम बार-बार गीता के परिवार के सामने गीता से शादी करने की गुहार लगाता। आखिरकार 4 वर्ष के लंबे इंतजार के बाद विक्रम के पिता को यह यकीन हो गया कि सच में विक्रम और गीता एक दूसरे से प्यार करते हैं।
दोनों के प्यार की हुई जीत
गीता के पिता ने अपना एटीट्यूड साइड में रखकर गीता और विक्रम के रिश्ते को हां कर दी और दोनों की शादी धूमधाम से करवाई्। आज की इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि अगर हमारा प्यार सच्चा है, तो भाग कर शादी करना एकदम गलत होगा।
अगर हम एक दूसरे से सच्चा प्यार करते हैं, तो परिवार को मनाने की कोशिश करनी चाहिए। कहीं ना कहीं समय लगेगा,लेकिन अंत में वही होगा जो आप चाहते हैं। आज की प्यार की कहानी में बस इतना ही। आपको यह Hindi Love Story कैसी लगी है, कमेंट सेक्शन में कमेंट करके हमें जरूर बताना और ऐसी रोमांचक कहानियां(Hindi Stories) पढ़ने के लिए हमारी वेबसाइट को फॉलो जरूर करें।
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